Jameel Attari

Direct Expenses and Indirect Expenses | प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष खर्चे किसे कहते हैं

  खर्चें (Expenses)

       व्यापार में खर्च दो तरह के होते हैं। 

प्रत्यक्ष खर्च:- 

  • प्रत्यक्ष व्यय उत्पाद की लागत को सीधे प्रभावित करते हैं। 
  • प्रत्यक्ष व्यय मुख्य रूप से वस्तुओं/सेवाओं की खरीद और उत्पादन से सम्बन्धित खर्चे हैं। 
  • ज्यादातर कच्चा माल, प्रत्यक्ष मजदूरी एवं प्रत्यक्ष व्यय के खर्चे ही प्रत्यक्ष खर्चे में शामिल किये जाते हैं। 
  • प्रत्यक्ष खर्चों को वहन किये बिना व्यापार के गोदाम से माल खरीद बिन्दु तक लाना सम्भव नहीं है।
  • उदाहरण:- कच्चे माल की खरीद, प्रत्यक्ष खर्चे, आवक गाड़ी भाड़ा, फैक्ट्री का किराया, फैक्ट्री से सम्बन्धित वेतन। 

अप्रत्यक्ष व्यय:- 

  • अप्रत्यक्ष व्यय वह खर्चे हैं जो व्यवसाय के संचालन में किये जाते हैं। 
  • अप्रत्यक्ष व्यय को उत्पादन लागत में नहीं जोड़ा जाता है।
  • अप्रत्यक्ष खर्चे बिक्री मूल्य को प्रभावित नहीं करते हैं।
  • ज्यादातर कच्चा माल, प्रत्यक्ष मजदूरी एवं प्रत्यक्ष व्यय के खर्चे के अलावा खर्चे अप्रत्यक्ष खर्चों में शामिल किये जाते हैं। 
  • अप्रत्यक्ष खर्चों का उत्पाद से सीधा सम्बन्ध नहीं होता है।
  • प्रत्यक्ष व्यय के अलावा सभी खर्चों को अप्रत्यक्ष खर्च माना जाता है।
  • अप्रत्यक्ष खर्चों का माल की खरीद से कोई सम्बन्ध नहीं होता
  • उदाहरण:- वेतन, टेलीफोन बिल, छपाई और स्टेशनरी, कानूनी और लेखा शुल्क, जावक गाड़ी भाड़ा।



Direct Expenses and Indirect Expenses


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